देखो तो जरा
सपा
एक पार्टी
एक सोच
एक मालिक
एक मुहाबरा
एक नेता
एक रंग
एक सच
एक सपना
और
एक बार फिर
बसपा
एक आवाज़
एक नारी
एक काम
एक सूत्र
एक मजिल
एक मुश्किल
एक योजना
एक बार
और
आजादी
भाजपा
एक झगडा
एक सीट
एक मालिक
एक नाटक
एक धोखा
एक बार
एक युवा
एक ताक़त
और
मीठा फल
काग्रेस
एक हाथ
एक राज
एक देश
एक घर
एक विस्वास
एक बहु
और
एक विरासत
लोकतन्त्र के तीर..........<▬▬▬▬«
पुरानी जींस और गिटार. घर की वो छत और मेरा यार...
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हम बाप-बेटी और पत्नी किसी एक्सीडेंट पर चर्चा कर रहे थे. बात एक्सीडेंट से
होते हुए ना जाने किधर-किधर चली गई. फिर आखिर में किसी बात पर मेरे द्वारा एक
दोस्त...


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